#नागपंचमी
विज्ञान के अनुसार सांप कभी दूध नही पीता दरसल जीभ की दो हिस्सों वाली बनावट के कारण ऐसा होता है उनसे दूध पीते नही बनता, और धोके से पी भी लिया तो वो बीमार पड़ जाता है क्योंकि सर्प कैल्शियम ( दूध में कैल्शियम होता है) को पचा नही पाता! अब कुछ लोग कुतर्क देंगे कि में सबूत प्रस्तुत कर सकता हूं कि सर्प दूध पीते है! बेशक पीते है जब सपेरा उन्हें कई कई दिनों तक भूखे प्यासे रखते है तो और दूध के सिवाय कुछ खाने पीने को नही देते! स्पष्ट है कि दूध सर्प का नेचुरल फ़ूड नही है ।
अब सवाल ये है भेड़चाल लोग तो नागपंचमी को नाग को दूध पिलाते ( दरसल नाग को नही पत्थर को दूध पिलाते है) ही है तो कभी सोचते नही क्या? क्योंकि उनके धर्मग्रंथो में ऐसा लिखा है और धर्मग्रंथो में ऐसे ही अतार्किक,अवैज्ञानिक बातो का उल्लेख है जिसे सत्य की तरह प्रस्तुत किया जाता है, दरसल सेकड़ो वर्ष पहले लिखे गए धर्मग्रंथ आज की डेट में पूरी तरह से आउटडेटेड हो चुके है उनमें लिखी कोरी गप्पो को विज्ञान ने पोल खोल के रख दिया है ,हालांकि अब धर्म रक्षक ( पुजारी,पंडे, मौलाना,पादरी) अपने धर्मग्रन्थों खुलती पोल को बचाव की स्थिति में लाने के लिए धर्मग्रंथो को विज्ञान से कोरिलेट करने की अधूरी कोसिस में लगे हुए है। हालांकि भक्त धर्मग्रंथो में लिखी कोरी गप्प को चुपचाप असेप्ट करते है जो भी धर्मग्रंथो में लिखा है उसमे तर्क या सवाल उठाने की मनाही है बस अनुसरण करो , दिमाग होते हुए भी बिन दिमाग लगाए ऐसी पाखंडो को ढोने वाले आस्तिकों को सच से अवगत कराने पर उनकी आस्था/ भावनाए आहत हो जाती है , लेकिन दुनिया तो आस्था से नही चलती न, अगर आपकी कमजोर आस्था आहत होती है तो होने दो लेकिन यूनिवर्सल ट्रुथ को झुठलाया तो नही जा सकता न???
#मेरे मन की बात
✍️ Rajesh Bakode